बच्चों तुम फूल मेरे, बागवान के — पुनम कुमारी बच्चों, तुम फूल मेरे, विद्यालय बागवा, तुमसे ही महके सदा, मेरा[...]
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जीवन की कहानी में सबका अपना अपना रोल – उमेश कुमार सिन्हाजीवन की कहानी में सबका अपना अपना रोल – उमेश कुमार सिन्हा
जीवन की कहानी में सबका अपना-अपना रोल जीवन की कहानी में सबका अपना-अपना रोल है, जगह-जगह पर निकलता सु-स्वर का[...]
चंपारण ने राह दिखाया – सीता राम रायचंपारण ने राह दिखाया – सीता राम राय
चम्पारण ने राह दिखाया, गांधी को अपने घर लाया; शोषण की तस्वीर दिखाकर, सत्याग्रह का प्रयोग कराया। ‘तीनकठिया’ ने ख़ूब[...]
मद्धम-मद्धम मैं जलती हूँ — पुनम कुमारीमद्धम-मद्धम मैं जलती हूँ — पुनम कुमारी
मद्धम-मद्धम मैं जलती हूँ मद्धम-मद्धम मैं जलती हूँ, खामोशी में कुछ कहती हूँ। आँखों में सपनों की दुनियाँ, दिल में[...]
मुझे मेरा बचपन लौटा दे – खुशबू कुमारीमुझे मेरा बचपन लौटा दे – खुशबू कुमारी
मुझे मेरा बचपन लौटा दे ए गुजरा हुआ समय, मुझे मेरा बचपन लौटा दे। थक चुकी हूं जीवन से, मुझे[...]
मेरी माँ – खुशबू कुमारीमेरी माँ – खुशबू कुमारी
शायद अब माँ बूढ़ी हो रही है, पर मन इस बात को मानने से इन्कार कर रहा है। कभी- कभी[...]
मीना की बच्चियां – नीतू रानीमीना की बच्चियां – नीतू रानी
मीना की बच्चियांँ। मीना की बच्ची ने कर दी कमाल ड्रेस में आती स्कूल रीबन से बाँध के बाल समय[...]
लालच की अंतहीन गर्त -धर्मेंद्र कुमार ठाकुरलालच की अंतहीन गर्त -धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
लालच की अंतहीन गर्त यह सूक्ष्म सुई के छेद जैसी, दिखती छोटी इक थैली है, पर इसके भीतर छिपी हुई,[...]
दुनियां रंग-बिरंगी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरदुनियां रंग-बिरंगी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
दुनियां रंग-बिरंगी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर अजब तमाशा, गजब ये मेला, दुनियां रंग-बिरंगी है, कहीं मखमली चादर ओढ़े, कहीं भयानक[...]
मातृनवमी मायक स्मृति – अरविन्द मिश्रमातृनवमी मायक स्मृति – अरविन्द मिश्र
मातृनवमी मायक स्मृति – अरविन्द मिश्र रे मीता मोन परै अछि माय, कोन कठिन ब्रत तपकें ठानल, देव पितर ककरा[...]
