पद्यपंकज padyapankaj,sandeshparak,Shaikshnik,Teachers Of Bihar,ToB PadhyaPankaj,शैक्षणिक जब शरारत ने रट लिया सबक – उमेश कुमार सिन्हा

जब शरारत ने रट लिया सबक – उमेश कुमार सिन्हा



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“जब शरारत ने रट लिया सबक” – उमेश कुमार सिन्हा 

सबक याद करने की बारी आए, बच्चे कन्नी काटते हैं,
मन उदास कर, रोनी सूरत बना, बहाने खूब बनाते हैं।
मस्ती करने की बात चले तो, रौनक खूब सजाते हैं,
पूछो, सबक याद क्यों नहीं है? झट उत्तर दे जाते हैं।

‘अभी याद कर लेंगे गुरुजी’, रोज यही दोहराते हैं,
‘आज नहीं तो कल सुनाएँगे’, कहकर समय बिताते हैं।
कहते-कहते दिन बीत जाते, सबक वहीं रह जाता है,
घर पर पढ़ने की जिम्मेदारी, कौन भला निभाता है?

विद्यालय भेज अभिभावक भी, निश्चिंत हो जाते हैं,
पढ़ने-लिखने की सारी चिंता, शिक्षक पर छोड़ जाते हैं।
महीने बीते, चार महीने बीते, सबक अधूरा पड़ा रहा,
शिक्षा का पौधा सींचने का, प्रयास अधूरा रहा।

दो हमशक्ल भाई थे, दोनों की नोकझोंक निराली,
एक जरा तेज, दूसरा धीमा, आदत दोनों की मतवाली।
व्यर्थ झगड़ते देख गुरुजी ने, एक युक्ति अपनाई,
‘झगड़ना है तो पढ़ाई में झगड़ो’, उन्होंने राह दिखाई।

‘जो सबक याद कर सुना देगा, उसका पलड़ा भारी होगा,
जो पीछे रह जाएगा, वह हार का भागी होगा।
जो सबक नहीं सुना पाएगा, हार का तमगा पाएगा,
और जो सबको मात देगा, वह विजेता कहलाएगा।’

बस फिर क्या था! दोनों भाइयों में, नई चुनौती जाग गई,
एक-दूजे को हराने की धुन में, पढ़ाई की ललक जाग गई।
अब सबक याद करने में भी, उनको आनंद आने लगा,
एक की मेहनत देख दूसरा, और अधिक जुट जाने लगा।

कल तक जो पढ़ने से बचते थे, अब आगे बढ़ते जाते हैं,
गुरुजी के सामने प्रथम स्थान पाने को, सबक दोहराते हैं।
कक्षा-प्रमुख भी सबक की, नियमित समीक्षा करता,
गुरुजी दोनों की मेहनत पर, उचित निर्णय लेते।

अधिक अंक पाने की चाह में, दोनों खूब पढ़ते हैं,
हर पल सबक दोहराते और, मन लगाकर याद करते हैं।
उनकी लगन और मेहनत से, कक्षा में वाह-वाह होने लगी,
पढ़ाई से भागने वालों में भी, नई उमंग जगने लगी।

बच्चों को केवल सीख नहीं, कभी चुनौती भी भाती है,
हार-जीत की छोटी-सी होड़, पढ़ने की ललक जगाती है।
शिक्षक वही कुशल कहलाए, जो मन की राह पहचाने,
बच्चों की रुचि को समझे और, ज्ञान के दीप जलाए।

उमेश कुमार सिन्हा ‘ निर्देशक’
डिसेंट एकेडमी वाया स्कूल रघुनाथपुर
बिहार सरकार द्वारा पूर्णतः स्वीकृत विद्यालय
गोस्वामी तुलसीदास पथ लालापुल रघुनाथपुर
अंचल- ब्रह्मपुर, जिला – बक्सर

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