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सरहद पे खड़े हैं लेकर जज्बा बलिदान का
सरहद पे खड़े हैं लेकर जज्बा बलिदान का।
देश की आन पे करते हैं खुद को यूँ कुर्बान देखिए।।
न आँधी की परवाह न तूफानों का डर।
रखते हथेली पे हरदम अपनी जान देखिए।।
सिर्फ सैनिक नही हमारे ये धड़कन है देश की।
ये हैं हमारे देश की आन,बान और शान देखिये।।
देख हौसला जवानों का,दुश्मन तो क्या।
थर-थर काँपते है ज़लज़ले और तूफान देखिए।।
रखने को मान हमारे तिरंगे की,न जानें।
कितनों ने गंवाई अपनी ,जान देखिए।।
न हिंदू, न मुस्लिम, न सिख,न इसाई।
हर किसी के माथे पे लिखा है, हिंदुस्तान देखिए।।
स्वरचित-
बिंदु अग्रवाल
शिक्षिका मध्य विद्यालय गलगलिया

