जल से ही तो है जीवन, जल से ही तो यह धरती हैं । उपयोग करें हम सूझबूझ से, व्यर्थ[...]
Author: madhukumari
भोलेनाथ हो-राम किशोर पाठकभोलेनाथ हो-राम किशोर पाठक
लेकर आए हैं बाराती, करके चौड़ी छाती, भोले नाथ हो। है हैरत में दुनिया सारी, अद्भुत रूप निहारी, शशिधर माथ[...]
शिव विवाह -रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’शिव विवाह -रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
क्षितिज लालिमा की झलक,संपूरित उल्लास। नभचर थलचर चेतना,भरतीं हैं हुल्लास।। सारी सृष्टि सजी-धजी,निकलेगी बारात। गाजे-बाजे में खिले,दानव-मानव जात।। जय-जय हे[...]
हौसलों की उड़ान – राम किशोर पाठकहौसलों की उड़ान – राम किशोर पाठक
पा जाते हर लक्ष्य हम, बिना किसी व्यवधान। मन लेता है जब वहाँ, हौसलों की उड़ान।। बाधाओं को चीर कर,[...]
फागुन-राम किशोर पाठकफागुन-राम किशोर पाठक
अन्न भरा खेतों में, मन को भाया है। हलचल अब रेतों में, फागुन आया है।। सरसों पीली फूले, मस्ती से[...]
मन की वीणा के तार कसे-मनु कुमारीमन की वीणा के तार कसे-मनु कुमारी
मन की वीणा के तार कसे, अब नए सुरों की बात करें। डर और संशय दूर हटाएँ, खुद पर फिर[...]
भक्त हितकारी-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’भक्त हितकारी-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
विश्वनाथ मम नाथ मुरारी। त्रिभुवन महिमा विदित तुम्हारी।। कौशल्या नंदन बन रघुकुल आये, नीर निधि के बीच द्वारिका बसाये, कोई[...]
ऋतुराज बसंत -ब्यूटी कुमारी ऋतुराज बसंत -ब्यूटी कुमारी
मनहर लगता दृश्य धारा, उपवन-उपवन खिले सुमन, धरा पर सरसों की पीली चुनरी, केसरिया खिला टेसू फूल, तरु पर लगा[...]
मैं हूं शिक्षक-डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्यामैं हूं शिक्षक-डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
मैं इस धरा के ज्ञान धर्म का वाहक हूँ, जननी के स्वाभिमान मर्म का नायक हूँ। मैं शिक्षक संस्कार, सत्य[...]
