Category: काव्य लेखन

Dharmendra Kumar Thakur

पथ और प्रत्याशा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरपथ और प्रत्याशा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 7:41 pm

पथ और प्रत्याशा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर आयु बीत रही है निरंतर, पर जीवन की यात्रा अभी शेष है, जो[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

काव्य का स्वरूप और भेद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरकाव्य का स्वरूप और भेद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 7:36 pm

काव्य का स्वरूप और भेद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर काव्य एक सुंदर विधा है, जो मन में रस घोले, शब्द[...]

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Umesh kumar sinha

परंपरा और प्रगति का संगम – उमेश कुमार सिन्हा परंपरा और प्रगति का संगम – उमेश कुमार सिन्हा 

0 Comments 10:15 pm

बालिका दिवस — परंपरा और प्रगति का संगम उमेश कुमार सिन्हा  क्यों ? मनाते हैं दिवस आज, यह बात समझना[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

चेतना का शंखनाद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरचेतना का शंखनाद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 10:09 pm

चेतना का शंखनाद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर क्यों आवश्यकता आन पड़ी, इस बालिका दिवस को मनाने की? ये जान लेना[...]

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Punam Kumari

अब कोई बालिका अपना हक न खोए – पुनम कुमारीअब कोई बालिका अपना हक न खोए – पुनम कुमारी

0 Comments 9:52 pm

अब कोई बालिका अपना हक न खोए – पुनम कुमारी अब कोई बालिका अपना हक न खोए, अपने सपनों को[...]

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Archna Kumari

उपवास- अर्चना कुमारी उपवास- अर्चना कुमारी 

0 Comments 9:34 pm

उपवास- अर्चना कुमारी  आओ मिलकर हम लें संकल्प ढूँढे उपवास का नया विकल्प अन्न उपवास तो बहुतेरे हैं करते हटाएँ[...]

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Mritunjay Kumar

हम शिक्षक हैं, हाँ हम शिक्षक हैं! – मृत्युंजय कुमारहम शिक्षक हैं, हाँ हम शिक्षक हैं! – मृत्युंजय कुमार

0 Comments 9:28 pm

हम शिक्षक हैं, हाँ हम शिक्षक हैं! – मृत्युंजय कुमार हम शिक्षक हैं, हाँ हम शिक्षक हैं, देश के नौनिहालों[...]

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Punam Kumari

बोली बोला, तोल-तोल के – पुनम कुमारीबोली बोला, तोल-तोल के – पुनम कुमारी

0 Comments 9:19 pm

बोली बोला, तोल-तोल के – पुनम कुमारी बोली बोला तोल-तोल के, बात कहऽ दिल खोल-खोल के। मीठ बोल से मन[...]

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माटी के बोली,मन के हिंदीमाटी के बोली,मन के हिंदी

0 Comments 7:20 am

*माटी के बोली, मन के हिन्दी* मइया के ममता जइसन, मीठ हई हमर बोली, गाँव के गली-गली में, गूँजे रस[...]

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afshan begum

किताबों के सफो में मुस्कुराते बालपन दे – अफ़शां बेगमकिताबों के सफो में मुस्कुराते बालपन दे – अफ़शां बेगम

0 Comments 11:03 pm

  किताबों के सफो में मुस्कुराते बालपन दे – अफ़शां बेगम किताबों के सफो में मुस्कुराते बालपन देखें। चलो स्कूल[...]

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