कविता : – बसंत का आगमन – आशीष अम्बर गीत हजारों लिखे गये सब पड़े पुराने, देखो आया फिर बसंत नव गीत सुनाने । मन के अन्दर जाने कैसी हूक…
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प्रेम – एस.के.पूनम
ऊँ कृष्णाय नमः विधाता छंद विषय:-प्रेम – एस.के.पूनम करें हम प्रेम जीवन में, सुखद परिणाम हम पायें। मिटा कर क्लेश लोगों का, भँवर को पार कर जायें। गहन हैं…
गजल – राम किशोर पाठक
अब और क्या बाकी बताना रह गया- गजल २२१२-२२१२-२२१२ अब और क्या बाकी बताना रह गया। इस जिंदगी का गुल खिलाना रह गया।। हर शख्स होता खास अपने आप में।…
शारदे वंदना- अरुण छंद गीत – राम किशोर पाठक
शारदे वंदना- अरुण छंद गीत – राम किशोर पाठक सुर सभी, साध लूँ, मातु जो प्यार दे। प्यार दे, तार दे, भक्त को शारदे।। बोध हो, सत्य का, अर्थ को…
ईश्वर से कुछ सवाल – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
ईश्वर से कुछ सवाल – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ पूर्व प्रभात बेला में बड़ी दुखद खबर मिली कि दर्वे ग्राम के प्रधान शिक्षक अशोक कुमार मेरे प्रिय शिष्य का…
दोहा – राम किशोर पाठक
दोहा – राम किशोर पाठक दोहे छाया पति मार्तण्ड का, स्वागत करती भोर। पक्षीगण गायन करें, नृत्य करे वन मोर।। सप्तवर्ण आभा लिए, प्रकट हुए संसार। देख तेज डरकर तिमिर,…
शिक्षा की रोशनी में बदला मुज़फ्फरपुर”
विवेक कुमार
मन चंगा तो कठौती गंगा-मनु कुमारी
एक साधारण गृह से उठी, चेतना की दिव्य ज्वाला। रविदास ने कर्म से तोड़ा, रूढ़ि-बंधन का हर ताला। न मंदिर की सीढ़ी ऊँची, न तीर्थों का आडंबर भारी, मन की…
अश्रु आंखों में लिए-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
आज जाने की घड़ी पर,रो रहा है आसमां। जो अभी परिवार ही हैं,कल रहेंगे पास ना।। राम आए कृष्ण आए,छोड़कर सब चल दिए। देश दुनिया नभ दुखी हैं,अश्रु ऑंखों में…
कहे ऋतुराज अपनों से-एस.के.पूनम
प्रभंजन आज चंचल है, विदाई सर्द की करते। अभी तो शुष्क धीरे से, तुषारापात को हरते। वसंती वात चलने से, प्रकृति के द्वार खुल जाते। भ्रमर जब गुनगुनाते हैं, हजारों…