आज मत पूछो,क्यों आई है बेटी—आज पूछो,कैसे बची है बेटी? गर्भ की देहरी परहर बार सवालों से जूझती,मौन की चादर ओढ़ेअपने होने का प्रमाण खोजती—वही है बेटी। उसकी किलकारीघर की…
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गणतंत्र का जयघोष – मनु कुमारी
गणतंत्र का जयघोष छब्बीस जनवरी पुकार रही,उठो! इतिहास बुलाता है।यह दिन नहीं केवल तिथि कोई,जन-जन का स्वाभिमान जगाता है। जब टूटीं जंजीरें गुलामी की,जब भारत ने प्रण यह ठाना था—राजा…
बसंती शाम- मनु कुमारी
बसंती शाम उतर आई, सुनहरी धूप के संग,क्षितिज ने ओढ़ ली चूनर, केसरिया रंग के रंग। मंद पवन की उँगली थामे, सरसों हँसने लगी,डाल-डाल पर बैठी चिड़िया, राग नया गाने…
भारत की बेटियां – आशीष अंबर
सारे संसार में नाम कमाया है ,अपनी प्रतिभा का जादू बिखराया है।देश हो या विदेश हर जगह ,भारत की बेटियां अपना लोहा मनवाया है। कल्पना चावला, नीरजा या हो पीटी…
मुझे तिरंगा माँ दिलवा दो- राम किशोर पाठक
मुझे तिरंगा माँ दिलवा दो- रासा छंद बाल कविता मुझे तिरंगा माँ दिलवा दो।वैसा ही कुर्ता सिलवा दो।। भैया संग मुझे भी जाना।ध्वज मुझको भी है फहराना।। मैं भी वहाँ…
जब से आई बसंती शाम- नीतू रानी
ठंडी हवा लिए आईमेरी बसंती शाम,इससे प्रभावित हो रहादेश, विदेश और गाम। बसंत पंचमी पर्व परआई बसंती शाम,थोड़ी ठंडी बढ़ गईलोगों को हुआ जुकाम। लोगों को हुआ जुकामचिकित्सक के पास…
| माँ शारदे की महिमा – मुन्नी कुमारी |
स्व-रचित कविता माँ शारदे की महिमा सुंदर – सुंदर सपना सजाएँ, माँ शारदे की महिमा गाएँ। विद्या से जग को महकाएँ, शुद्ध विचार हृदय में आए। वीणा वादिनी, माँ शारदे,…
आत्मविश्वास से भरे डगर में -अमरनाथ त्रिवेदी
आत्मविश्वास से भरे डगर में , न मन, प्राण , वचन से पीछे जाना । हम सबके दिल के स्नेह हो प्यारे , भविष्य में अपनी पहचान बनाना । मन हर्षित दिल अभिलषित है मेरा , तू अभी से सँभलते जाओ । स्नेहसिक्त करूँ आज तुझे मैं…
आह में देखो-राम किशोर पाठक
लोग हैं खास आह में देखो। कौन है आज डाह में देखो।। कह रहे हैं भला तुम्हें जो भी। दे अगर साथ राह में देखो।। फासले यहाँ दिलों में है।…
प्रेम की पतंग-मनु कुमारी
मकरसंक्रांति आओ, मिलकर मनाते हैं, प्रेम की पतंग पिया हम ,साथ में उड़ाते हैं।। रंग बिरंगी फूलों से हम आशियां को सजाते हैं। प्रेम की पतंग पिया हम साथ में…