जब से आई बसंती शाम- नीतू रानी

ठंडी हवा लिए आईमेरी बसंती शाम,इससे प्रभावित हो रहादेश, विदेश और गाम। बसंत पंचमी पर्व परआई बसंती शाम,थोड़ी ठंडी बढ़ गईलोगों को हुआ जुकाम‌। लोगों को हुआ जुकाम‌चिकित्सक के पास…

| माँ शारदे की महिमा – मुन्नी कुमारी |

स्व-रचित कविता माँ शारदे की महिमा सुंदर – सुंदर सपना सजाएँ, माँ शारदे की महिमा गाएँ। विद्या से जग को महकाएँ, शुद्ध विचार हृदय में आए। वीणा वादिनी, माँ शारदे,…

आत्मविश्वास से  भरे  डगर में -अमरनाथ त्रिवेदी

आत्मविश्वास  से  भरे  डगर में , न  मन, प्राण , वचन से   पीछे  जाना । हम सबके दिल के  स्नेह   हो  प्यारे , भविष्य  में  अपनी पहचान   बनाना । मन हर्षित दिल अभिलषित है  मेरा , तू  अभी   से   सँभलते   जाओ । स्नेहसिक्त  करूँ  आज  तुझे  मैं…

प्रेम की पतंग-मनु कुमारी

मकरसंक्रांति आओ, मिलकर मनाते हैं,  प्रेम की पतंग पिया हम ,साथ में उड़ाते हैं।। रंग बिरंगी फूलों से हम आशियां को सजाते हैं। प्रेम की पतंग पिया हम साथ में…

बाल-विवाह – रत्ना प्रिया

बाल-विवाह – रत्ना प्रिया ब्याह नहीं कोमल कलियों का फूलों-सा खिल जाने दो, बचपन, शिक्षा और यौवन को, मंजिल तो मिल जाने दो ।   वरदानरूप मिला यह जीवन, बने…