श्रम से हर मंजिल होती आसान,श्रम से ही तो मानव बनें महान । श्रम से जो भी है नाता रखता,जीवन[...]
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मां भारती के साधक – मनु कुमारीमां भारती के साधक – मनु कुमारी
माँ भारती का साधक : माखनलाल चतुर्वेदी कलम नहीं थी उनकी केवल,ज्वाला थी अंगार बनी।शब्दों में राष्ट्र धड़कता था,भारत माँ[...]
मैं संविधान हूं – आंचल शरणमैं संविधान हूं – आंचल शरण
“मैं संविधान हूं” मैं भारत का संविधान हूं,महज़ एक किताब नहीं,गहन करो तो अधिकार हूंमैं भारत का संविधान हूं।इसमें केवल[...]
गीत गाते सभी हैं-राम किशोर पाठकगीत गाते सभी हैं-राम किशोर पाठक
झूमो गाओ, मिल-जुल सभी, प्रीत पाते सभी हैं। आओ प्यारे, जय-जय करें, गीत गाते सभी हैं।। आजादी है, समरस[...]
राष्ट्रीय बालिका दिवस – मनु कुमारीराष्ट्रीय बालिका दिवस – मनु कुमारी
आज मत पूछो,क्यों आई है बेटी—आज पूछो,कैसे बची है बेटी? गर्भ की देहरी परहर बार सवालों से जूझती,मौन की चादर[...]
गणतंत्र का जयघोष – मनु कुमारीगणतंत्र का जयघोष – मनु कुमारी
गणतंत्र का जयघोष छब्बीस जनवरी पुकार रही,उठो! इतिहास बुलाता है।यह दिन नहीं केवल तिथि कोई,जन-जन का स्वाभिमान जगाता है। जब[...]
बसंती शाम- मनु कुमारीबसंती शाम- मनु कुमारी
बसंती शाम उतर आई, सुनहरी धूप के संग,क्षितिज ने ओढ़ ली चूनर, केसरिया रंग के रंग। मंद पवन की उँगली[...]
भारत की बेटियां – आशीष अंबरभारत की बेटियां – आशीष अंबर
सारे संसार में नाम कमाया है ,अपनी प्रतिभा का जादू बिखराया है।देश हो या विदेश हर जगह ,भारत की बेटियां[...]
मुझे तिरंगा माँ दिलवा दो- राम किशोर पाठकमुझे तिरंगा माँ दिलवा दो- राम किशोर पाठक
मुझे तिरंगा माँ दिलवा दो- रासा छंद बाल कविता मुझे तिरंगा माँ दिलवा दो।वैसा ही कुर्ता सिलवा दो।। भैया संग[...]
जब से आई बसंती शाम- नीतू रानीजब से आई बसंती शाम- नीतू रानी
ठंडी हवा लिए आईमेरी बसंती शाम,इससे प्रभावित हो रहादेश, विदेश और गाम। बसंत पंचमी पर्व परआई बसंती शाम,थोड़ी ठंडी बढ़[...]
