प्रेम की पतंग-मनु कुमारी

मकरसंक्रांति आओ, मिलकर मनाते हैं,  प्रेम की पतंग पिया हम ,साथ में उड़ाते हैं।। रंग बिरंगी फूलों से हम आशियां को सजाते हैं। प्रेम की पतंग पिया हम साथ में…

बाल-विवाह – रत्ना प्रिया

बाल-विवाह – रत्ना प्रिया ब्याह नहीं कोमल कलियों का फूलों-सा खिल जाने दो, बचपन, शिक्षा और यौवन को, मंजिल तो मिल जाने दो ।   वरदानरूप मिला यह जीवन, बने…

मत बाँधों मेरे पंखों को – बिंदु अग्रवाल

मत बाँधों मेरे पंखों को – बिंदु अग्रवाल   मत बाँधों मेरे पँखों को, मुझे उन्मुक्त गगन में उड़ने दो। अभी जरा बचपन है बाकी, मदमस्त पवन सी बहने दो।…