विधाता छंदाधारित मुक्तककरवा चौथ कहीं संगम कहीं तीरथ,धरा पर पुण्य बहते हैं, सजी हैं नारियाॅं भूपर,कहेंगे व्यर्थ कहते हैं। हजारों[...]
Category: Uncategorized
वृद्धावस्था-गिरींद्र मोहन झावृद्धावस्था-गिरींद्र मोहन झा
वृद्धावस्था (कविता: गिरीन्द्र मोहन झा) शैशव, बाल्य, किशोर, युवा, से होकर तुम बने हो वृद्ध, तुम्हारा असली,बड़ा गुण है, हर[...]
जिंदगी – राम किशोर पाठकजिंदगी – राम किशोर पाठक
जिंदगी -सूर घनाक्षरी एक रास्ता है जिंदगी,आओ कर लें बंदगी,त्याग चित की गंदगी, चलते जाइए।कर्म धर्म मर्म ज्ञान,अपना पराया जान,सबको[...]
बिन मौसम बरसात – अवधेश कुमारबिन मौसम बरसात – अवधेश कुमार
बिन मौसम बरसात : बाल कविता , मौसम आजकलहथिया नक्षत्र की बिन मौसम बरसात आया ,अपने साथ लाया बाढ़ और[...]
बेटी अभिशाप नहीं वरदान है – पूजा कुमारीबेटी अभिशाप नहीं वरदान है – पूजा कुमारी
जाने क्यों लोग बेटी को बोझ समझते हैं। बेटी कोई अभिशाप नहीं यह तो आंगन की लक्ष्मी है।। किसी के[...]
पुत्री दिवस- गिरिंद्र मोहन झापुत्री दिवस- गिरिंद्र मोहन झा
आज अन्तरराष्ट्रीय पुत्री दिवस पर प्रस्तुत मेरी एक कविता:पुत्री-दिवसधन्य वह गेह है, जहँ खिलखिलाती बेटियाँ,धन्य वह गेह है, जहाँ चहचहाती[...]
हे कात्यायनी मां -डॉ स्नेहलताहे कात्यायनी मां -डॉ स्नेहलता
हे कात्यायनी ऋषि कात्यायन की हे सुता, यह दर्प तुम्हारा अद्भुत है। यह रूप तुम्हारा अद्भुत है, सौंदर्य तुम्हारा अद्भुत[...]
किताब- आशीष अंबरकिताब- आशीष अंबर
सब चीजों से सबसे प्यारी,होती है किताब । उलझे – उलझे हर सवाल का,देती है जवाब । इसको पढ़कर बन[...]
ममतामई मां -जैनेंद्र प्रसाद रविममतामई मां -जैनेंद्र प्रसाद रवि
प्रभाती पुष्प ममतामई मांँ कलाई में शोभता है- कंगन व बाजूबंद, मनमोहता है देवी, माता का सिंगार है। जिज्ञासु श्रद्धालु[...]
लोहार – रामपाल प्रसाद सिंहलोहार – रामपाल प्रसाद सिंह
लोहार लोहे पर निर्भर जीवन,लोहार हूॅं मैं।कम पैसे में काम करूॅं,उपकार हूॅं मैं।विस्मित कर देता जग को,फनकार हूॅं मैं।मानसून के[...]
