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Amarnath Trivedi

जरा जरा-सी बात पर – अमरनाथ त्रिवेदीजरा जरा-सी बात पर – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:20 pm

जरा  जरा-सी  बात  पर, दिल को कभी  न रूठाइए। जरा जरा-सी बात  पर, मन को कभी न दुखाइए। निज घर की गुप्त बातों को, बाहर  कभी न  फैलाइए।[...]

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शीर्षक: निरख सुहानी भोर- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’ विधा- मनहरण घनाक्षरीशीर्षक: निरख सुहानी भोर- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’ विधा- मनहरण घनाक्षरी

0 Comments 3:40 pm

निरख सुहानी भोर, सुखद विहंग शोर, प्राणवायु का सहर्ष, अनुभव कीजिए। ललित प्राची की लाली, भृंगी बाग मतवाली, भीनी गंध[...]

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Suresh Kumar gaurav

प्रकृति का संदेश- सुरेश कुमार गौरवप्रकृति का संदेश- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 8:40 am

हरी-भरी यह धरती अपनी, इसको हमें बचाना है। पेड़ लगाकर, जल बचाकर, हरियाली फैलाना है॥ नदियाँ बहें सदा निर्मल-सी, कलुष[...]

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ram किशोर

चंद्रशेखर आजाद – रामकिशोर पाठकचंद्रशेखर आजाद – रामकिशोर पाठक

0 Comments 3:18 pm

भारत है वीरों की धरती, आओं मिलें आजाद से। अंग्रेज सदा काँपा करते, जिनके हीं शंखनाद से। ब्राह्मण कुल का[...]

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ram किशोर

शिवरात्रि विशेष दोहावली- रामकिशोर पाठकशिवरात्रि विशेष दोहावली- रामकिशोर पाठक

0 Comments 7:01 pm

प्रकृति वधू का रूप ले, पुलकित रही निहार। पुरुष प्रकृति का है मिलन, मन में लिए विचार।। फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी,[...]

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दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 6:39 pm

गिरिजापति भूतेश शिव, आया हूँ दरबार। विनती बारंबार है, करिए बेड़ा पार।। अंतक अक्षय आप हो, उमापति विश्वनाथ। नीलकंठ शिवमय[...]

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Amarnath Trivedi

सच में जीवन जीना सीखें – अमरनाथ त्रिवेदीसच में जीवन जीना सीखें – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 10:05 pm

रोते को  हँसाना  सीखें, जग में नाम कमाना सीखें।   कभी न झगड़ा झंझट करें, दिल खुशियों से भरा करें। मन से दुख[...]

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ram किशोर

मनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठकमनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठक

0 Comments 9:54 pm

आधार का वर्ग मान, लंब का भी वर्ग ज्ञान, दोनों के योगफल को, ज्ञात कर लाइए। तीसरी भुजा कर्ण लें,[...]

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Suresh Kumar gaurav

शिक्षक: ज्ञान के दीपक- सुरेश कुमार गौरवशिक्षक: ज्ञान के दीपक- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 10:29 am

शिक्षक हैं वो दीप प्रखर, जो तम को हरने आते हैं, ज्ञान-ज्योति से जगमग करके, जीवन पथ दिखलाते हैं। संस्कारों[...]

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Suresh Kumar gaurav

माँ बिना यह जीवन सूना – सुरेश कुमार गौरवमाँ बिना यह जीवन सूना – सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 8:45 am

माँ जग में सबसे महान, दिव्य ममता का है रूप अनोखा। त्याग, प्रेम औ’ स्नेह की गंगा, निर्मल जैसे पावन[...]

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