पद्यपंकज Uncategorized मैं और मेरा समाज -नीतू रानी

मैं और मेरा समाज -नीतू रानी



विषय -मैं और मेरा समाज।
शीर्षक -ये दोनों देते एक दूसरे का साथ।

मैं और मेरा समाज करते हैं,
मिलकर सारे काम- काज।

मैं और मेरा समाज हीं मिलकर भगाएँगे,
समाज की कुरीतियांँ और अंधविश्वास।

मैं और मेरा समाज हीं बंद करेंगे,
दहेज प्रथा,बाल मजदूरी एवं बाल विवाह।

मैं और मेरा समाज हीं
मिलकर रचेंगे एक नया इतिहास,

मैं और मेरा समाज घर- घर करेंगे ये प्रचार,
बेटा- बेटी में भेद न करो, पढ़ाओ लिखाओ करो दोनों से प्यार।

मैं और मेरा समाज में अभी भी है जकड़ा अंधविश्वास,
ओझा गुणी के फेर में पड़कर
पीट रहे अपना कपार।

मैं और मेरा समाज ये दोनों देते एक दूसरे के साथ,
ये दोनों निभाते भी हैं एक दूसरे को जैसे क्यू है यूँ के साथ।

मैं और मेरा समाज हीं सबको सिखलाते हैं करने,
झूठ, चोरी, नशा,हिंसा और व्यभिचार।

मैं और मेरा समाज पर हीं बना है जिला और राज्य बिहार,
इन दोनों पर देश भी बना है
जिस देश से करते हम दोनों प्यार।

नीतू रानी विशिष्ट शिक्षिका।
स्कूल -म०वि० रहमत नगर सदर मुख्यालय पूर्णियाँ बिहार।

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