पद्यपंकज Bhawna,Manorajak,Manoranjak,padyapankaj,sandeshparak,Shaikshik,Shaikshnik,Shakshanik,Teachers Of Bihar,ToB PadhyaPankaj,शैक्षणिक,संदेश ठंड का प्रभाव – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

ठंड का प्रभाव – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’


Janindra Prasad Ravi

ठंड का प्रभाव – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
मनहरण घनाक्षरी छंद

जाड़े में जो कुहासे से
बढ़ जाती ठंड जब,
अत्यधिक होती नमी, शीतल पवन में।

कभी बढ़ जाती सर्दी,
कभी बढ़ जाता गर्मी,
मौसम का महत्व है, हमारे जीवन में।

धूप नहीं खिलने से
तापमान गिर जाता,
कम जाती ऊष्मा फिर, हमारे बदन में,

ठंड से बचाव हेतु
अलाव जलाते लोग,
मिलती राहत तभी, फिर तन-मन में।

जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Likes
Spread the love

Leave a Reply