उमर हमर नौनिहाल यौ – मनु कुमारी
बाबूजी कियै करैछी हमर बाल विवाह यौ।
उमर हमर नौनिहाल यौ ना।।
ई अछि खेलय पढैय केर दिन।
हम नय रहब अम्मा केर बिन।
बाबूजी कियै एखनहिं भेजे छी ससुराल यौ।
उमर हमर नौनिहाल यौ ना..
हम नहि भेलहुं अखन जुआन,
हम छी किशोर किशोरी नादान।
बाबूजी जीवन हमरा लागय अछि जंजाल यौ
उमर हमर नौनिहाल यौ ना.
हमरा नहिं अछि जीवनक ज्ञान।
हम छी बाल बोधि अज्ञान।
बाबूजी पढि लिखि बनब हम ,सुनिता विलियम्स बछेन्द्री पाल यौ।
उमर हमर नौनिहाल यौ ना..
हमरा नय समझू बाबूजी बोझ।
पढि लिखि कऽ वर लेब अप्पन खोजि।
बाबूजी ऊंचा राखब अहांक कपाल यौ।
उमर हमर नौनिहाल यौ ना.
इ अछि हमर मूल अधिकार।
पाबि पोषण शिक्षा आउर प्यार।
बाबूजी हमर भविष्य के करू अहां ख्याल यौ।
उमर हमर नौनिहाल यौ ना..
बाबूजी छोड़ू सोच रूढ़िवादी।
जीवन जीयै के दिअऽ आजादी।
बाबूजी जागरूकता में बनू अहाँ मिसाल यौ।
उमर हमर नौनिहाल यौ ना।।
स्वरचित एवं मौलिक
मनु कुमारी, विशिष्ट शिक्षिका प्राथमिक विद्यालय दीपनगर बिचारी, राघोपुर सुपौल
