चलो सबसे मधुर रिश्ता बनाएँ।
चलो अपनी सभी रंजिश मिटाएँ।।
नहीं रखना सदा शिकवा किसी से।
चलो मिलकर गले सबको लगाएँ।।
मिला जितना मुकद्दर में किसी को।
अधिक उससे किसे बोलो दिलाएँ।।
करो नेकी बिना सोचे यहाँ पर।
सभी देंगे खुशी से ही दुआएँ।।
बड़ा ही वक्त है जालिम समझ लो।
नहीं यह एक सा रहता बताएँ।।
रचनाकार:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
सियारामपुर, पालीगंज, पटना, बिहार।
संपर्क – ९८३५२३२९७८

