बालपन से काल कटकर चाय मीठी कर गया हम कहाँ कितना उठे हैं सोचकर मन भर गया।। नीर बहता रोक[...]
Day: September 27, 2026
मेरी माँ – खुशबू कुमारी मेरी माँ – खुशबू कुमारी
दिखने में बिल्कुल सरल और सहज, मेरे जीवन की वास्तविक सच्चाई, हमारी हर सफलता की परिभाषा, हम बच्चों की प्रेरणा[...]
पुत्री-दिवस-गिरीन्द्र मोहन झापुत्री-दिवस-गिरीन्द्र मोहन झा
धन्य वह गेह है, जहां खिलखिलाती बेटियाँ, धन्य वह गेह है, जहाँ चहचहाती हैं बेटियाँ, धर्म-ग्रंथ कहते हैं, गृह-लक्ष्मी होती[...]
