ज़िंदगी की आस बाकी है टूटे सपनों की किरचों में, अब भी कोई उजास बाकी है, थकी हुई इन साँसों[...]
Day: October 7, 2026
मुझे मेरा बचपन लौटा दे – खुशबू कुमारीमुझे मेरा बचपन लौटा दे – खुशबू कुमारी
मुझे मेरा बचपन लौटा दे ए गुजरा हुआ समय, मुझे मेरा बचपन लौटा दे। थक चुकी हूं जीवन से, मुझे[...]
मेरी माँ – खुशबू कुमारीमेरी माँ – खुशबू कुमारी
शायद अब माँ बूढ़ी हो रही है, पर मन इस बात को मानने से इन्कार कर रहा है। कभी- कभी[...]
मीना की बच्चियां – नीतू रानीमीना की बच्चियां – नीतू रानी
मीना की बच्चियांँ। मीना की बच्ची ने कर दी कमाल ड्रेस में आती स्कूल रीबन से बाँध के बाल समय[...]
लालच की अंतहीन गर्त -धर्मेंद्र कुमार ठाकुरलालच की अंतहीन गर्त -धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
लालच की अंतहीन गर्त यह सूक्ष्म सुई के छेद जैसी, दिखती छोटी इक थैली है, पर इसके भीतर छिपी हुई,[...]
श्वेत सोना. धर्मेंद्र कुमार ठाकुरश्वेत सोना. धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
धरती का अनमोल रत्न हूँ, नभ का गोरा चाँद हूँ, मैं कपास का रूप नहीं, इस सृष्टि का वरदान हूँ।[...]
