Author: madhukumari

Ram Kishore Pathak

भोलेनाथ हमारे – राम किशोर पाठकभोलेनाथ हमारे – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:08 pm

भोलेनाथ हमारे । तेरे भक्त पुकारे ।। आएँ हैं सब द्वारे । तू ही कष्ट उबारे।। आओ हे त्रिपुरारी। नैना[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

किसान – राम किशोर पाठककिसान – राम किशोर पाठक

0 Comments 11:56 am

खेतों का है रंग सुनहरा। जैसे सोना रहता बिखरा।। फसल धान की है खेतों में। श्रम का प्रतिफल है रेतों[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

गाँधी की दरकार है – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’गाँधी की दरकार है – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 10:19 pm

भारत की चुनावों में  धन की है बोलबाला, पैसे से ही आज यहांँ, होती जीत- हार है। अधिकांश लोग एक [...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

जाति-वर्ण लोकतंत्र पर भारी – राम किशोर पाठक जाति-वर्ण लोकतंत्र पर भारी – राम किशोर पाठक 

0 Comments 10:19 pm

है लोकतंत्र की महिमा न्यारी। चलती जिससे संविधान प्यारी।। सबने बदली अब दुनियादारी। लूट रहे धन कहकर सरकारी।। लेकर सारे[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

शब्दों का संसार-राम किशोर पाठकशब्दों का संसार-राम किशोर पाठक

0 Comments 5:44 pm

शब्दों का संसार (१६-१४) शब्दों का संसार अनोखा, होंठ चूमता है रहता। कुछ बसते हैं संग रगो में, कुछ को[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishor Pathak

रामायण – राम किशोर पाठक रामायण – राम किशोर पाठक 

0 Comments 10:08 pm

आओ चिंतन कर लें थोड़ा, जो खुद गढ़ते हैं। गाथा सुंदर रामायण की, हम-सब पढ़ते हैं।। नारायण होकर जब नर[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

यूँ ही लम्हें बीत  जाएँगे – अमरनाथ त्रिवेदीयूँ ही लम्हें बीत  जाएँगे – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 10:04 pm

यूँ ही लम्हें बीत  जाएँगे , न हम रहेंगे न तुम रहोगे  फिर अपनी बात   कहाँ  और किसको कहोगे ? यह अंतहीन  सिलसिला [...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ashish Kumar Pathak

दीपावली का त्योहार – आशीष अम्बरदीपावली का त्योहार – आशीष अम्बर

0 Comments 10:10 pm

दीपावली का त्योहार आया, संग में अपने खुशियाँ लाया । रंगोली से घर को सजायेंगे, मिलकर खुशियाँ खूब मनायेंगे ।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ruchika

अक्टूबर – रुचिकाअक्टूबर – रुचिका

0 Comments 6:18 pm

देखो,कैसे आ गया अक्टूबर थोड़ी सी ठंडी हवा लेकर, थोड़ी सी सूरज की गर्मी चुराकर थोड़ी सी सूरज में नर्मी[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

ऐ जिंदगी – रश्मि मिश्राऐ जिंदगी – रश्मि मिश्रा

0 Comments 10:42 pm

ऐ जिंदगी जिसे तुझे जीना आ गया उसके लिए तू सरल बहुत है ,पर उनके लिए तू कठिन बहुत है,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें