वक्त लोगों को बहुत है आजमाने के लिए। दाव सारे जानते हैं जो गिराने के लिए।। वक्त ने ऐसा सितम[...]
Author: madhukumari
धन्यवाद टीचर्स ऑफ बिहार – एम० एस० हुसैन “कैमूरी”धन्यवाद टीचर्स ऑफ बिहार – एम० एस० हुसैन “कैमूरी”
है कोटि-कोटि धन्यवाद ऐ टीचर्स ऑफ बिहार तेरे बदौलत हीं सबका होता है सपना साकार रचनाएं दब सी जाती थी[...]
सर्द हवा-राम किशोर पाठक सर्द हवा-राम किशोर पाठक
सर्द हवाओं का झोंका है। अम्मा ने मुझको रोका है।। कहती बाहर में खतरा है। सर्दी का पग-पग पहरा है।।[...]
जुआ-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ जुआ-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
छल सुयोधन संग लेकर,चल पड़ा दरबार में। माॅंगना है जो नियोजित,शेष अगली बार में।। पास राजा के पहुॅंचकर,चाल वैसी ही[...]
छंद रचना को गहूँ-राम किशोर पाठक छंद रचना को गहूँ-राम किशोर पाठक
विघ्न हर्ता देव हो तुम, कष्ट अपना मैं कहूँ। आज तुमसे आस मुझको, छंद रचना को गहूँ।। शब्द लाऊँ मैं[...]
शरण गहूँ दिन-रात – राम किशोर पाठकशरण गहूँ दिन-रात – राम किशोर पाठक
ध्यान लगा मैं कर सकूँ, रचना की बरसात। भजन करूँ नित मातु की, शरण गहूँ दिन-रात।। शब्द पुष्प के हार[...]
ठंड का प्रभाव-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’ठंड का प्रभाव-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
तापमान गिरने से मौसम बदलने से *धीरे-धीरे ठंडक का, बढ़ता प्रभाव है।* पंछियाँ तो घोसले में- रहतीं दुबककर, *पशु छिप[...]
मैं राष्ट्र धर्म को अपनाया – राम किशोर पाठक मैं राष्ट्र धर्म को अपनाया – राम किशोर पाठक
मैं बहती बन जाऊँ सरिता मैं जीवन में लाऊँ ललिता मैं झुंड यहाँ देखूँ कितने मैं ढूँढ रहा खुद के[...]
माँ वर दो-राम किशोर पाठक माँ वर दो-राम किशोर पाठक
शीश नवाऊँ, माता के दर, माँ वर दो। रचना लाऊँ, नित्य नया कर, माँ वर दो।। शरण तुम्हारी, गहने वाले,[...]
आसरा पास बैठी है – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ आसरा पास बैठी है – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
खींचती मर्म की रेखा।। जन्म लेते जिसे देखा। आज माॅं खास बैठी है। आसरा पास बैठी है।। दर्द होने[...]
