दुर्गा मांँ के मंदिर में, जलता अखंड ज्योति, आओ सब मिल करें, माता की आराधना। नैवेद्य कर्पूर धूप, चंदन अक्षत[...]
Author: madhukumari
भवानी आ गयी है – राम किशोर पाठकभवानी आ गयी है – राम किशोर पाठक
भवानी आ गयी है, घर हमारे। खुशी अब छा रही है, जग निहारे।। किया वंदन उन्हें सब, चरण धोएँ। अलौकिक[...]
मैं पिता बन गया हूँ – बिंदु अग्रवालमैं पिता बन गया हूँ – बिंदु अग्रवाल
छोड़ दी हैं मैंने सारी अठखेलियाँ क्योंकि अब मैं पिता बन गया हूँ। अब मैं पिता को नखरे नहीं दिखाता,[...]
बदल देगी वक्त- रूपमाला/मदन छंद- राम किशोर पाठकबदल देगी वक्त- रूपमाला/मदन छंद- राम किशोर पाठक
सर्व मंगल कामना ले, आज सारे भक्त। आ गयी जब मात घर में, बदल देगी वक्त।। शरद का नवरात्र आया,[...]
हिंदी भाषा की गरिमा – राम किशोर पाठकहिंदी भाषा की गरिमा – राम किशोर पाठक
हिंदी भाषा की गरिमा को, उच्च शिखर पहुँचाना होगा। हिंदी के प्रति जन-मानस में, प्रेम अटूट जगाना होगा।। रामचरित रचकर[...]
निःशब्द सौंदर्य – बिंदु अग्रवालनिःशब्द सौंदर्य – बिंदु अग्रवाल
वह अनुपम अद्वितीय यौवना सिर पर पत्थरों का भार लिए एक हाथ से अपने आँचल को संभालती। हिरनी सी सजल[...]
विश्वकर्मा पूजा – राम किशोर पाठकविश्वकर्मा पूजा – राम किशोर पाठक
सौर वर्ष में करते गणना। भाद्र शुक्ल शिल्पी का गहना। सदा प्रतिपदा शुभता लाती। कन्या राशि संक्रांति आती।। नियत समय[...]
शिक्षा सुलभ बनाना- राम किशोर पाठक शिक्षा सुलभ बनाना- राम किशोर पाठक
विद्यालय कार्यभार लेकर, हैं खोये। कागज में जैसे उलझ गए, हैं रोये।। शिक्षा के नव अंकुर मन में, जो बोये।[...]
हिंदी भाषा का महत्त्व – अमरनाथ त्रिवेदीहिंदी भाषा का महत्त्व – अमरनाथ त्रिवेदी
हिंदी भाषा जितनी सबल है , उतनी न अन्य कोई भाषा । यह जीवन के सुनहरे पट पर , जीवन[...]
पितृपक्ष – नीतू रानीपितृपक्ष – नीतू रानी
माता-पिता की न सेवा किया न दिया उनको कभी सम्मान, कुछ नहीं होगा जाकर गया उनके लिए देने से पिंडदान।[...]
