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खेल से खिलता है भारत का भविष्य – कार्तिक कुमार
विद्यालय खेलकूद एवं खेल सामग्री पर ओजस्वी कविता
खेल हमारा गौरव है, खेल हमारी शान है,
स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन ही, भारत की पहचान है।
बच्चों के सपनों को अब, नई उड़ान दिलाना है,
खेलकूद के माध्यम से, प्रतिभा को चमकाना है।
विद्यालय के आँगन में, खुशियों के फूल खिलेंगे,
खेल सामग्री मिले सभी को, नए सितारे निकलेंगे।
कबड्डी, खो-खो, दौड़ से, बढ़ेगी शक्ति अपार,
अनुशासन और एकता से, होगा जीवन खुशहाल।
बिहार शिक्षा परियोजना का, यह संदेश महान है,
हर बच्चे को खेल मिले, यही हमारा अरमान है।
खेल समिति की जिम्मेदारी, हम सबको निभानी है,
बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की, नई कहानी बनानी है।
नहीं किसी प्रतिभा को अब, अवसर से वंचित रखना है,
हर बच्चे के भीतर छिपे, खिलाड़ी को परखना है।
कार्तिक कुमार का संकल्प है—खेल का मान बढ़ाएँगे,
मध्य विद्यालय कटरमाला को, खेलों में आगे लाएँगे।
गोरौल, वैशाली की धरती पर, प्रतिभा का दीप जलाएँगे,
खेल, शिक्षा और संस्कार से, भारत का मान बढ़ाएँगे।
आइए मिलकर शपथ उठाएँ, खेल संस्कृति अपनाएँ,
स्वस्थ, समर्थ और श्रेष्ठ भारत का, सुंदर भविष्य बनाएँ!
प्रस्तुति: श्री कार्तिक कुमार
पद: सदस्य सचिव, खेल समिति
विद्यालय: मध्य विद्यालय कटरमाला, गोरौल, वैशाली
नारा: खेलें बच्चे, बढ़ें बच्चे—स्वस्थ रहें और आगे बढ़ें!

