नारी को अधिकार दो, सम्मान दो! – कार्तिक कुमार नारी की आवाज़ – समानता का शंखनाद रचनाकार एवं[...]
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खेल से खिलता है भारत का भविष्य – कार्तिक कुमारखेल से खिलता है भारत का भविष्य – कार्तिक कुमार
खेल से खिलता है भारत का भविष्य – कार्तिक कुमार विद्यालय खेलकूद एवं खेल सामग्री पर ओजस्वी कविता [...]
दुखी माता-पिता – कार्तिक कुमारदुखी माता-पिता – कार्तिक कुमार
दुखी माता-पिता – कार्तिक कुमार जिस आँगन में माँ की लोरी, पिता का आशीर्वाद रहा, जिस घर में बेटे[...]
स्वाभिमान, सत्य और सेवा का संकल्प – कार्तिक कुमारस्वाभिमान, सत्य और सेवा का संकल्प – कार्तिक कुमार
स्वाभिमान, सत्य और सेवा का संकल्प – कार्तिक कुमार सत्य राह का पथिक हूं मैं सत्य की राह का पथिक[...]
सच बोलो, आगे बढ़ो – कार्तिक कुमारसच बोलो, आगे बढ़ो – कार्तिक कुमार
“सच बोलो, आगे बढ़ो” – कार्तिक कुमार दिल को खोलो, सच-सच बोलो, मीठे-मीठे शब्द तुम बोलो। सुबह उठकर शिक्षा से[...]
ऐ बच्चा, स्कूल जाओ – कार्तिक कुमार ऐ बच्चा, स्कूल जाओ – कार्तिक कुमार
ऐ बच्चा, स्कूल जाओ – कार्तिक कुमार ऐ बच्चा, स्कूल जाओ, ज्ञान की ज्योति जलाओ। सुबह उठकर माता-पिता को, प्रणाम[...]
एक शिक्षक ही तो है – कार्तिक कुमारएक शिक्षक ही तो है – कार्तिक कुमार
एक शिक्षक ही तो है – कार्तिक कुमार तुझे राह दिखाने वाला, तेरी भूल बताने वाला, अंधियारे में दीप जलाकर,[...]
कारक चिह्न समझो प्यारे – कार्तिक कुमारकारक चिह्न समझो प्यारे – कार्तिक कुमार
कारक चिह्न समझो प्यारे – कार्तिक कुमार कारक के चिह्न समझो भाई, कार्तिक सर ने बात बताई। कर्ता बोले ‘ने’[...]
खेल और योग से स्वस्थ बिहार – कार्तिक कुमार खेल और योग से स्वस्थ बिहार – कार्तिक कुमार
खेल और योग से स्वस्थ बिहार – कार्तिक कुमार बिहार सरकार की खेल एवं योग पुस्तकों के संदेश पर आधारित[...]
आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं – कार्तिक कुमार आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं – कार्तिक कुमार
आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं – कार्तिक कुमार मन के भीतर उठता दुख, बाहर इसका उपचार नहीं। आध्यात्मिक पीड़ा[...]
