Tag: कार्तिक कुमार

Kartik Kumar

नारी को अधिकार दो, सम्मान दो! – कार्तिक कुमारनारी को अधिकार दो, सम्मान दो! – कार्तिक कुमार

0 Comments 9:14 pm

नारी को अधिकार दो, सम्मान दो! – कार्तिक कुमार   नारी की आवाज़ – समानता का शंखनाद   रचनाकार एवं[...]

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Kartik Kumar

खेल से खिलता है भारत का भविष्य – कार्तिक कुमारखेल से खिलता है भारत का भविष्य – कार्तिक कुमार

0 Comments 9:03 pm

खेल से खिलता है भारत का भविष्य – कार्तिक कुमार   विद्यालय खेलकूद एवं खेल सामग्री पर ओजस्वी कविता  [...]

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Kartik Kumar

दुखी माता-पिता – कार्तिक कुमारदुखी माता-पिता – कार्तिक कुमार

0 Comments 7:30 pm

दुखी माता-पिता – कार्तिक कुमार   जिस आँगन में माँ की लोरी, पिता का आशीर्वाद रहा, जिस घर में बेटे[...]

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Kartik Kumar

स्वाभिमान, सत्य और सेवा का संकल्प – कार्तिक कुमारस्वाभिमान, सत्य और सेवा का संकल्प – कार्तिक कुमार

0 Comments 9:07 pm

स्वाभिमान, सत्य और सेवा का संकल्प – कार्तिक कुमार सत्य राह का पथिक हूं मैं सत्य की राह का पथिक[...]

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Kartik Kumar

सच बोलो, आगे बढ़ो – कार्तिक कुमारसच बोलो, आगे बढ़ो – कार्तिक कुमार

0 Comments 11:05 am

“सच बोलो, आगे बढ़ो” – कार्तिक कुमार दिल को खोलो, सच-सच बोलो, मीठे-मीठे शब्द तुम बोलो। सुबह उठकर शिक्षा से[...]

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Kartik Kumar

 ऐ बच्चा, स्कूल जाओ – कार्तिक कुमार ऐ बच्चा, स्कूल जाओ – कार्तिक कुमार

0 Comments 12:27 pm

 ऐ बच्चा, स्कूल जाओ – कार्तिक कुमार ऐ बच्चा, स्कूल जाओ, ज्ञान की ज्योति जलाओ। सुबह उठकर माता-पिता को, प्रणाम[...]

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Kartik Kumar

एक शिक्षक ही तो है – कार्तिक कुमारएक शिक्षक ही तो है – कार्तिक कुमार

0 Comments 7:47 am

एक शिक्षक ही तो है – कार्तिक कुमार तुझे राह दिखाने वाला, तेरी भूल बताने वाला, अंधियारे में दीप जलाकर,[...]

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Kartik Kumar

कारक चिह्न समझो प्यारे – कार्तिक कुमारकारक चिह्न समझो प्यारे – कार्तिक कुमार

0 Comments 9:11 pm

कारक चिह्न समझो प्यारे – कार्तिक कुमार कारक के चिह्न समझो भाई, कार्तिक सर ने बात बताई। कर्ता बोले ‘ने’[...]

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Kartik Kumar

 आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं  – कार्तिक कुमार आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं  – कार्तिक कुमार

0 Comments 7:39 pm

 आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं  – कार्तिक कुमार मन के भीतर उठता दुख, बाहर इसका उपचार नहीं। आध्यात्मिक पीड़ा[...]

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