“सच बोलो, आगे बढ़ो” – कार्तिक कुमार दिल को खोलो, सच-सच बोलो, मीठे-मीठे शब्द तुम बोलो। सुबह उठकर शिक्षा से[...]
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ऐ बच्चा, स्कूल जाओ – कार्तिक कुमार ऐ बच्चा, स्कूल जाओ – कार्तिक कुमार
ऐ बच्चा, स्कूल जाओ – कार्तिक कुमार ऐ बच्चा, स्कूल जाओ, ज्ञान की ज्योति जलाओ। सुबह उठकर माता-पिता को, प्रणाम[...]
एक शिक्षक ही तो है – कार्तिक कुमारएक शिक्षक ही तो है – कार्तिक कुमार
एक शिक्षक ही तो है – कार्तिक कुमार तुझे राह दिखाने वाला, तेरी भूल बताने वाला, अंधियारे में दीप जलाकर,[...]
कारक चिह्न समझो प्यारे – कार्तिक कुमारकारक चिह्न समझो प्यारे – कार्तिक कुमार
कारक चिह्न समझो प्यारे – कार्तिक कुमार कारक के चिह्न समझो भाई, कार्तिक सर ने बात बताई। कर्ता बोले ‘ने’[...]
खेल और योग से स्वस्थ बिहार – कार्तिक कुमार खेल और योग से स्वस्थ बिहार – कार्तिक कुमार
खेल और योग से स्वस्थ बिहार – कार्तिक कुमार बिहार सरकार की खेल एवं योग पुस्तकों के संदेश पर आधारित[...]
आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं – कार्तिक कुमार आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं – कार्तिक कुमार
आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं – कार्तिक कुमार मन के भीतर उठता दुख, बाहर इसका उपचार नहीं। आध्यात्मिक पीड़ा[...]
मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार
मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार मेरा प्यारा खिलौना है, सबसे सुंदर, न्यारा है। लाल रंग की छोटी गाड़ी, चलती[...]
मेरी गुड़िया की शादी है – कार्तिक कुमार मेरी गुड़िया की शादी है – कार्तिक कुमार
मेरी गुड़िया की शादी है – कार्तिक कुमार मेरी गुड़िया की शादी है, घर में आज खुशी ज्यादा है। गुड़िया[...]
