आपका ब्राउज़र Text-to-Speech सपोर्ट नहीं करता।
नारी : सम्मान या आडंबर? – एंजल कुमारी
मंदिर में पूजे देवी को,
बाहर डालते कुदृष्टि,
क्यों करते नारी का अपमान?
जब उसमें भी बसी है शक्ति।
देवालय में शीश झुकाकर,
खुद को महान बताते हो,
घर में उपस्थित माता के सेवा से
कतराते हो।
नवरात्रि के नौ दिन खूब भक्ति करते,
बाकि दिन उसी स्त्री शक्ति को,
कमजोर, लाचार कहते।
घर में अपमान करते नारी का,
फिर मंदिर में क्यों गुणगान?
ढोल-नगाड़े, दीपों की माला,
क्या यही सच्चा सम्मान?
नारी का सम्मान जहाँ, वहीं बसते भगवान,
वरना मंदिर की हर पूजा, केवल है
दिखावा और अभिमान।
नाम :- एंजल कुमारी
कक्षा – 09
विद्यालय – उच्च माध्यमिक विद्यालय बसंतपुर, सुपौल

