भारत की अमर धरोहर – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर विविध रूप और रंग हैं, एक कहानी मान। पावन भारत भूमि की,[...]
Day: November 4, 2026
धरा से अंबर तक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरधरा से अंबर तक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
धरा से अंबर तक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर धीमी गति से शुरू हुआ था, मानव का यह काम, बैलगाड़ी पर[...]
अकारण दर्दों को झेला – कार्तिक कुमारअकारण दर्दों को झेला – कार्तिक कुमार
अकारण दर्दों को झेला – कार्तिक कुमार एक भावपूर्ण कविता अकारण दर्दों को झेला, फिर भी चेहरे पर मुस्कान रखी।[...]
जिज्ञासु के चार प्रकार – कार्तिक कुमारजिज्ञासु के चार प्रकार – कार्तिक कुमार
जिज्ञासु के चार प्रकार – कार्तिक कुमार जिज्ञासु चार प्रकार के, गुरु शरणागत जान। उत्तम, मध्यम, नीच हैं, अधम कोटि[...]
छोटी हूँ, प्यारी हूँ – प्रभात चंद्र विद्यासागरछोटी हूँ, प्यारी हूँ – प्रभात चंद्र विद्यासागर
छोटी हूँ, प्यारी हूँ – प्रभात चंद्र विद्यासागर छोटी हूँ, प्यारी हूँ, मम्मी की दुलारी हूँ। पापा की राजकुमारी हूँ,[...]
धन खर्च – पुरुषोत्तम कुमारधन खर्च – पुरुषोत्तम कुमार
धन खर्च – पुरुषोत्तम कुमार कर तू खर्च पैसा, पाने को सम्मान, पर खर्च करने से पहले, कर ले अवसर[...]
आदत का बंधन और संकल्प – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरआदत का बंधन और संकल्प – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
आदत का बंधन और संकल्प – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर आदत मनुज की है अनोखी, जाल ऐसा बुन रही, इंसान की[...]
