आती चिड़िया – जाती चिड़िया – आशीष अम्बर
कू – कू करती आती चिड़िया,
फुर – फुर करती जाती चिड़िया ।
गाना कितना गाती बढ़ियाँ,
नन्ही – नन्ही प्यारी चिड़िया ।
रोज सवेरे चहक – चहक कर,
हमें सदा जगाती चिड़िया ।
धरती से आसमान तक,
लम्बी दौड़ लगाती चिड़िया ।
कभी न थकती, कभी न रुकती,
हरदम गाना गाती चिड़िया ।
जाड़ा, गर्मी हो या वर्षा का मौसम,
खुशी से सदा लहराती चिड़िया ।
कल की चिंता नही इसे है,
हरपल खुशी से इठलाती चिड़िया ।
चीं – चीं करती आती चिड़िया ,
फुर – फुर कर उड़ जाती चिड़िया ।
आशीष अम्बर
( विशिष्ट शिक्षक)
उत्क्रमित मध्य विद्यालय धनुषी
प्रखंड – केवटी
जिला – दरभंगा
बिहार
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