Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

Sharad Kumar Verma

वहाँ कृष्ण है – शरद कुमार वर्मावहाँ कृष्ण है – शरद कुमार वर्मा

0 Comments 5:44 pm

वहाँ कृष्ण है – शरद कुमार वर्मा जहाँ स्वयं पर विश्वास है वहाँ कृष्ण है । जहाँ मानवता आसपास है[...]

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Subala Kumari

उड़ान सपनों के – सुबाला कुमारीउड़ान सपनों के – सुबाला कुमारी

0 Comments 5:28 pm

उड़ान सपनों के – सुबाला कुमारी मेरे प्यारे बच्चों, आज कुछ नया सीखते हैं, धमा-चौकड़ी की बातों से हटकर नवाचारी[...]

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Bebi Archana

संघर्ष- बेबी अर्चनासंघर्ष- बेबी अर्चना

0 Comments 5:23 pm

संघर्ष- बेबी अर्चना संघर्ष तो है जीवन का साथी बाकी सारा दिखता भ्रम है, उदय-अस्त तो चलता रहता समस्त सृष्टि[...]

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Mritunjay Kumar

शिक्षा का महत्व – मृत्युंजय कुमारशिक्षा का महत्व – मृत्युंजय कुमार

0 Comments 5:15 pm

शिक्षा का महत्व – मृत्युंजय कुमार आओ मिलकर दीप जलाएं, शिक्षा की हम अलख जगाएं। विद्यालय में रोज जाना है,[...]

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Ashish Amber

हमारे पथ प्रदर्शक – आशीष अम्बरहमारे पथ प्रदर्शक – आशीष अम्बर

0 Comments 5:10 pm

हमारे पथ प्रदर्शक – आशीष अम्बर शिक्षक ज्ञान का दीपक हैं जलाते, जीवन जीने की राह बतलाते। मेहनत का हमें[...]

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BAIKUNTH BIHARI

वाह रे इंसान – बैकुंठ बिहारीवाह रे इंसान – बैकुंठ बिहारी

0 Comments 5:03 pm

वाह रे इंसान – बैकुंठ बिहारी दूसरों से छल कपट कर, समझता तू खुद को बुद्धिमान, वाह रे इंसानI अपनों[...]

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Md Sabik

एकता के रंग त्योहारों के संग – मो॰ साबिकएकता के रंग त्योहारों के संग – मो॰ साबिक

0 Comments 4:02 pm

एकता के रंग त्योहारों के संग – मो॰ साबिक धर्मो की रक्षा करे संस्कृतियों के साथ चले आपसी समन्वय बनी[...]

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Kartik Kumar

 ऐ बच्चा, स्कूल जाओ – कार्तिक कुमार ऐ बच्चा, स्कूल जाओ – कार्तिक कुमार

0 Comments 12:27 pm

 ऐ बच्चा, स्कूल जाओ – कार्तिक कुमार ऐ बच्चा, स्कूल जाओ, ज्ञान की ज्योति जलाओ। सुबह उठकर माता-पिता को, प्रणाम[...]

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Jitendra Paswan

धर्म-संकट – जितेन्द्र पासवानधर्म-संकट – जितेन्द्र पासवान

0 Comments 12:16 pm

धर्म-संकट – जितेन्द्र पासवान महाभारत युद्ध का जब शंखनाद हुआ, श्रीकृष्ण-अर्जुन में एक संवाद हुआ। “देख रहे हो, हे केशव![...]

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