शिक्षक – कहमुकरी सबके हित को तत्पर रहता। अपने हक में कभी न कहता।। दोष गिनाते बने समीक्षक। क्या सखि?[...]
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Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.
राष्ट्र भक्त हम, कहलाएँ- वासुदेव छंद गीत राम किशोर पाठक राष्ट्र भक्त हम, कहलाएँ- वासुदेव छंद गीत राम किशोर पाठक
राष्ट्र भक्त हम, कहलाएँ- वासुदेव छंद गीत राष्ट्र हेतु हम, मिट जाएँ। राष्ट्र-भक्त हम, कहलाएँ।। आओ मिलकर, पले यहाँ। कदम[...]
तोटक छंद वर्णिक-रामपाल प्रसाद सिंहअनजानतोटक छंद वर्णिक-रामपाल प्रसाद सिंहअनजान
तोटक छंद वर्णिक(112) 112-112-112-112 दो चरण सम तुकांत दिन में दिखते मन के सपने। हिय में रहने लगते अपने।। रचने[...]
अधूरे प्रेम कहानी की किताब – चित्तेश्वर झाअधूरे प्रेम कहानी की किताब – चित्तेश्वर झा
अधूरे प्रेम कहानी की किताब : हम वो किताब हैं जिसके आखिरी पन्नों पर दिल दस्तक देती है और मांगती[...]
शुभकामना संदेश – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’शुभकामना संदेश – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
शुभकामना संदेश मध्य विद्यालय दरबे भदौर*प्रखंड पंडारक के प्रधानाध्यापक *भाई रामपाल सिंह अनजान जी का दिनांक ३१,१०,२०२५ को विद्यालय से[...]
संस्मरण गीत – राम किशोर पाठकसंस्मरण गीत – राम किशोर पाठक
संस्मरण गीत – राम किशोर पाठक चंद पैसों में भली वह, जिंदगी जीते हुए। आ रही है याद[...]
दीपक- सत्येन्द्र गोविन्ददीपक- सत्येन्द्र गोविन्द
दीपक बनकर अँधियारों को हरने वाले शिक्षक हैं हर बच्चे का जीवन रौशन करने वाले शिक्षक हैं वरना तो वंचित[...]
हम शिक्षक हैं राष्ट्र निर्माता- मृत्युंजय कुमारहम शिक्षक हैं राष्ट्र निर्माता- मृत्युंजय कुमार
हम शिक्षक हैं राष्ट्र निर्माता, बच्चों के हैं भाग्य विधाता। बच्चों को देते शिक्षा,संस्कार और अनुशासन का ज्ञान, हम शिक्षक[...]
लड्डू- रीतु प्रज्ञालड्डू- रीतु प्रज्ञा
गोल-गोल लड्डू, खूब खाता गुड्डू । खाता चार-चार, खाता बार-बार, फिर भी ललचाए, छुप कर वो खाए। गोल-गोल लड्डू, खूब[...]
गाय हमारी संस्कृति की धरोहर- अंजू कुमारीगाय हमारी संस्कृति की धरोहर- अंजू कुमारी
गाय हमारी संस्कृति की धरोहर, गाय हमारी पालनहार। देती दूध अमृत के जैसा, भर देती घर में प्यार अपार। गाय[...]
