Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

Dharmendra Kumar Thakur

काव्य का स्वरूप और भेद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरकाव्य का स्वरूप और भेद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 7:36 pm

काव्य का स्वरूप और भेद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर काव्य एक सुंदर विधा है, जो मन में रस घोले, शब्द[...]

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स्कंदमाता :- बेबी अर्चना स्कंदमाता :- बेबी अर्चना 

0 Comments 10:23 pm

स्कंदमाता :- बेबी अर्चना    नवदुर्गा का पंचम स्वरूप, कहलाती हैं स्कन्दमाता । हर कामना को पूरा करती, सुख-समृद्धि औ”मोक्ष[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

स्वावलंबी :- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर स्वावलंबी :- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 10:12 pm

स्वावलंबी :- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर    जब भी था कठिनता का घेरा, मैंने हर गिरते को उठाया। उनके दर्दों को[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

अंतस की जीत :- धर्मेंद्र कुमार ठाकुरअंतस की जीत :- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 10:07 pm

अंतस की जीत :- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर   जब राहों में बढ़ने लागे, गहरा घोर अंधेरा, मेहनत पर हँसने लगे[...]

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आगमन से विदाई तक — उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक ‘आगमन से विदाई तक — उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक ‘

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शीर्षक :- आगमन से विदाई तक — उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक ‘   माँ दुर्गा के संग लक्ष्मी, सरस्वती भी[...]

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दुर्गा स्वरुपिणी बिटिया रानी :- बेबी अर्चना दुर्गा स्वरुपिणी बिटिया रानी :- बेबी अर्चना 

0 Comments 9:34 pm

दुर्गा स्वरुपिणी बिटिया रानी :- बेबी अर्चना    हे दुर्गास्वरूपिणी मेरी बिटिया रानी आओ सुनाऊँ तुझे मैं एक कहानी नन्हें[...]

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वर्तमान में मां का नव रूप:- पुरुषोत्तम कुमार वर्तमान में मां का नव रूप:- पुरुषोत्तम कुमार 

0 Comments 9:26 pm

वर्तमान में मां का नव रूप:- पुरुषोत्तम कुमार    आज भी माता का नव रूप समाज में है विद्यमान स्त्री[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

चेहरों का मेला(भ्रम):-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर चेहरों का मेला(भ्रम):-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 9:18 pm

चेहरों का मेला(भ्रम):-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर  घृणा नहीं है किसी से, न कोई शिकायत है, बस इस स्वार्थी संसार की एक[...]

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अभी उम्मीद बाकी है- उमेश कुमार सिन्हा ‘अभी उम्मीद बाकी है- उमेश कुमार सिन्हा ‘

0 Comments 9:11 pm

अभी उम्मीद बाकी है- उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक ‘ हर कहानी का अंत कहाँ, कुछ पन्ने शेष भी रहते हैं,[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

रस-वृक्ष (काव्य रूप) :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुररस-वृक्ष (काव्य रूप) :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर

0 Comments 9:06 pm

रस-वृक्ष (काव्य रूप) :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर हृदय-भूमि पर उगा हुआ है, एक अनूठा रस का वृक्ष, काव्य-जगत का गौरव[...]

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