विधा:- रूप घनाक्षरी (अमूल्य इनका मोल) मिला के कदम ताल, कर दिये बुरा हाल, मचा गया हाहाकार,हुई जब कई गोल।[...]
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प्राकृतिक आपदा -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’प्राकृतिक आपदा -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
रूप घनाक्षरी छंद में कभी-कहीं बाढ़ आए, कभी तो सुखाड़ आए, सड़कें मकान सारे, हो जाते हैं जमींदोज़। पहाड़ चटक[...]
शिक्षक क्या है?शिक्षक क्या है?
शिक्षक क्या है? ज्ञान का दीपक जलाने वाला, तीसरी आँख का दाता, सही दिशा दिखाने वाला। बच्चे उसे लेकर चलते,[...]
नयी शिक्षा नीतिनयी शिक्षा नीति
शिक्षा का अधिकार सभी को, सहज सुलभ से मिल पाए। अब खाना पूर्ति न हो केवल, कौशल भी अपना विकसाए।।[...]
मनहरण घनाक्षरी विधान – राम किशोर पाठकमनहरण घनाक्षरी विधान – राम किशोर पाठक
मनहरण घनाक्षरी विधान घोटक की चले टाप, आठ-आठ पग नाप, पद को बनाए आप, तुकांत बखानिए। आठ पग चले[...]
