Category: Shakshanik

रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ 

0 Comments 7:07 pm

बोल अरे क ख या ग घ,घोल मिठापन डाल रही है। बैठ गई जब सम्मुख माॅं तब,बालक ज्ञान प्रक्षाल रही[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

सर्दी- कहमुकरी- राम किशोर पाठक सर्दी- कहमुकरी- राम किशोर पाठक 

0 Comments 4:18 pm

सर्दी – कहमुकरी स्पर्श सदा कंपित है करती। रोम-रोम में सिहरन भरती।। जैसे वह हमसे बेदर्दी। क्या सखि? साजन! न[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

किसान – राम किशोर पाठककिसान – राम किशोर पाठक

0 Comments 11:56 am

खेतों का है रंग सुनहरा। जैसे सोना रहता बिखरा।। फसल धान की है खेतों में। श्रम का प्रतिफल है रेतों[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

गाँधी की दरकार है – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’गाँधी की दरकार है – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 10:19 pm

भारत की चुनावों में  धन की है बोलबाला, पैसे से ही आज यहांँ, होती जीत- हार है। अधिकांश लोग एक [...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

जाति-वर्ण लोकतंत्र पर भारी – राम किशोर पाठक जाति-वर्ण लोकतंत्र पर भारी – राम किशोर पाठक 

0 Comments 10:19 pm

है लोकतंत्र की महिमा न्यारी। चलती जिससे संविधान प्यारी।। सबने बदली अब दुनियादारी। लूट रहे धन कहकर सरकारी।। लेकर सारे[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

संस्मरण गीत   –  राम किशोर पाठकसंस्मरण गीत   –  राम किशोर पाठक

0 Comments 5:25 pm

संस्मरण गीत   –  राम किशोर पाठक     चंद पैसों में भली वह, जिंदगी जीते हुए। आ रही है याद[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

मेरी पोषण वाली थाली – अवधेश कुमारमेरी पोषण वाली थाली – अवधेश कुमार

0 Comments 6:07 am

माँ ने सजाये थाली में अनोखे रंग , पोषण थाली अब करेगी कुपोषण से जंग । मोटे अनाज देंगे हमें[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

राष्ट्रीय एकता दिवस – राम किशोर पाठकराष्ट्रीय एकता दिवस – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:17 pm

राष्ट्रीय एकता दिवस   दिवस राष्ट्रीय एकता वाला। लेकर समरसता का माला।। आओ इसकी कथा सुनाएँ। सरदार पटेल से मिलवाएँ।।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें