शिक्षा – रंजना कुमारी
शिक्षा से अज्ञान को मिटाने चले हैं,
ज्ञान का दीप हम जलाने चले हैं,
हर मन में आशा की ज्योति जले,
हर जीवन को राह दिखाने चले हैंl
जहाँ रूढ़ियों की है काली घटा,
वहाँ ज्ञान की किरणें बिखेरें सदा, किसी आँख में सपने बुझने न देगें,
नई चेतना का सवेरा करने चले हैl
ना कोई शिक्षा से वंचित रहेगा,
हर हाथ में किताबें रहेंगी,
बेटी हो या बेटा—सभी पढ़ेंगे,
शिक्षा सबके जीवन का सहारा बनेगा।
कलम को बनाकर उजाले की लौ,
अंधेरों से लड़ने का संकल्प ले चले हैं,
हर हृदय में ज्ञान का दीप जले,
ऐसा सुंदर समाज गढ़ने चलें हैंl
चलो मिलकर एक प्रण हम करें,
हर घर में शिक्षा का दीप जलाए,
ज्ञान की रौशनी फैले चहुँ ओर,
शिक्षा का दीप जलाने चले हैंl
रंजना कुमारी (शिक्षिका)
समस्तीपुर बिहारl

