Category: काव्य लेखन

Bebi Archana

संघर्ष- बेबी अर्चनासंघर्ष- बेबी अर्चना

0 Comments 5:23 pm

संघर्ष- बेबी अर्चना संघर्ष तो है जीवन का साथी बाकी सारा दिखता भ्रम है, उदय-अस्त तो चलता रहता समस्त सृष्टि[...]

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Mritunjay Kumar

शिक्षा का महत्व – मृत्युंजय कुमारशिक्षा का महत्व – मृत्युंजय कुमार

0 Comments 5:15 pm

शिक्षा का महत्व – मृत्युंजय कुमार आओ मिलकर दीप जलाएं, शिक्षा की हम अलख जगाएं। विद्यालय में रोज जाना है,[...]

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Ashish Amber

हमारे पथ प्रदर्शक – आशीष अम्बरहमारे पथ प्रदर्शक – आशीष अम्बर

0 Comments 5:10 pm

हमारे पथ प्रदर्शक – आशीष अम्बर शिक्षक ज्ञान का दीपक हैं जलाते, जीवन जीने की राह बतलाते। मेहनत का हमें[...]

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BAIKUNTH BIHARI

वाह रे इंसान – बैकुंठ बिहारीवाह रे इंसान – बैकुंठ बिहारी

0 Comments 5:03 pm

वाह रे इंसान – बैकुंठ बिहारी दूसरों से छल कपट कर, समझता तू खुद को बुद्धिमान, वाह रे इंसानI अपनों[...]

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Md Sabik

एकता के रंग त्योहारों के संग – मो॰ साबिकएकता के रंग त्योहारों के संग – मो॰ साबिक

0 Comments 4:02 pm

एकता के रंग त्योहारों के संग – मो॰ साबिक धर्मो की रक्षा करे संस्कृतियों के साथ चले आपसी समन्वय बनी[...]

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Kartik Kumar

 ऐ बच्चा, स्कूल जाओ – कार्तिक कुमार ऐ बच्चा, स्कूल जाओ – कार्तिक कुमार

0 Comments 12:27 pm

 ऐ बच्चा, स्कूल जाओ – कार्तिक कुमार ऐ बच्चा, स्कूल जाओ, ज्ञान की ज्योति जलाओ। सुबह उठकर माता-पिता को, प्रणाम[...]

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Jitendra Paswan

धर्म-संकट – जितेन्द्र पासवानधर्म-संकट – जितेन्द्र पासवान

0 Comments 12:16 pm

धर्म-संकट – जितेन्द्र पासवान महाभारत युद्ध का जब शंखनाद हुआ, श्रीकृष्ण-अर्जुन में एक संवाद हुआ। “देख रहे हो, हे केशव![...]

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Kartik Kumar

एक शिक्षक ही तो है – कार्तिक कुमारएक शिक्षक ही तो है – कार्तिक कुमार

0 Comments 7:47 am

एक शिक्षक ही तो है – कार्तिक कुमार तुझे राह दिखाने वाला, तेरी भूल बताने वाला, अंधियारे में दीप जलाकर,[...]

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Purushottam Kumar

आत्ममंथन – पुरुषोत्तम कुमारआत्ममंथन – पुरुषोत्तम कुमार

0 Comments 9:08 pm

आत्ममंथन – पुरुषोत्तम कुमार दूसरों की पहचान बताता तू खुद अपनी पहचान कर छोड़ अन्य बातों को अपने भीतर स्वाभिमान[...]

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RAMPAL SINGH ANJAN

रक्षाबंधन – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’रक्षाबंधन – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 8:58 pm

रक्षाबंधन – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ प्रश्नोत्तर जो मिला ढूँढ़कर, पथ प्रशस्त करता है। दिवस पूर्णिमा के धागे में, शक्ति[...]

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