अमृत बरसाती चाँदनी – उमेश कुमार सिन्हा शरद पूर्णिमा आई है, चाँदनी छिटक रही अपार, धवल चाँद की छटा निराली,[...]
Category: काव्य लेखन
धैर्य और सहिष्णुता – गिरीन्द्र मोहन झाधैर्य और सहिष्णुता – गिरीन्द्र मोहन झा
धैर्य और सहिष्णुता – गिरीन्द्र मोहन झा धैर्य और सहिष्णुता मनुष्य की बहुत बड़ी शक्ति है। किसी भी परिस्थिति में[...]
वसुधैव कुटुम्बकम – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरवसुधैव कुटुम्बकम – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
वसुधैव कुटुम्बकम – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर अयं निजः पर वेति, सोच यह छोटी भाई। उदार मन के हेतु, धरा परिवार[...]
सहेली जंग – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरसहेली जंग – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
सहेली जंग – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर हम कहाँ हैं, किस दोराहे पर खड़ा संसार है? बैर भी छलावा यहाँ, बस[...]
ध्वनि एक अर्थ अनेक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरध्वनि एक अर्थ अनेक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
ध्वनि एक, अर्थ अनेक – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर सुनने और पढ़ने में जो, लगते एक समान। पर अर्थों की दृष्टि[...]
हर दिन, हर घड़ी – रिंजु कुमारीहर दिन, हर घड़ी – रिंजु कुमारी
हर दिन, हर घड़ी – रिंजु कुमारी हर दिन, हर घड़ी समस्याओं से घिरे रहते हैं, कभी दर्द, कभी उलझनों[...]
संघर्ष में ही आनंद – उमेश कुमार सिन्हा संघर्ष में ही आनंद – उमेश कुमार सिन्हा
संघर्ष में ही आनंद – उमेश कुमार सिन्हा हाथ में लेखनी, दिल में संस्कारों के अरमा, यही है हमारे जीवन[...]
प्रकृति के प्रागंण में – पुरुषोत्तम कुमारप्रकृति के प्रागंण में – पुरुषोत्तम कुमार
प्रकृति के प्रागंण में – पुरुषोत्तम कुमार प्रकृति के प्रागंण में अलौकिक आनंद है इस आंगन में, प्रकृति के प्रागंण[...]
कार्तिक अमावस्या – पुरुषोत्तम कुमारकार्तिक अमावस्या – पुरुषोत्तम कुमार
कार्तिक अमावस्या – पुरुषोत्तम कुमार आने वाली है, फिर काली अमावस्या रात, पर इस रात की अलग होगी बात। न[...]
अंधकार का शिल्पी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरअंधकार का शिल्पी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
अंधकार का शिल्पी – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर जहाँ प्रकाश प्राण त्यागता है, वहाँ से हमारा युग आरम्भ होता है, सत्य[...]
