क से कबूतर हम पढ़ते हैं,
ख से खरगोश है, उजला – उजला,
ग से गमला में पौधे लगाना,
घ से घंटी जोर से बजाना ,
ड़ करता आराम,
क, ख, ग, घ बच्चों में भर देता है “ज्ञान” ।
च से चरखी गोल- गोल घूमता,
छ से छतरी आसमान चूमता,
ज से जंगल जीवों की जान,
झ से झंडा तिरंगा भारत की शान
च, छ , ज, झ बच्चों में भर देता है “ज्ञान” ।
ट से टमाटर रेस लगता,
ठ से ठग का बैंड बजाता,
ड से डमरू करता नाच,
ढ़ से ढोलक देता आवाज,
ण करता कुछ कुछ काम,
ट , ठ, ड , ढ बच्चों में भर देता है “ज्ञान” ।
त से तरंग पानी में उठता,
थ से थरमस का पानी ठंडा,
द से दवात की स्याही सुखी,
ध से धनुष है शिकार की भूखी,
न से नल प्यासे की जान,
त, थ, द, ध बच्चों में भर देता है “ज्ञान”।
प पतंग आसमान में उड़ती,
फ से फल गर्मी में सड़ती,
ब से बकरी खाती घास,
भ से भालू दिखाएं नाच,
म से मछली का जल है जान,
प,फ,ब,भ बच्चों में भर देता है “ज्ञान”।
य से यज्ञ पंडित करवाता,
र से रथ सारथी चलाता,
ल से लट्टू नाचे ऐसे,
व से वर्षा तेजी से बरसे,
श से शलजम का सब्जी प्यारे,
ष से षट्कोण के छ: किनारे,
स से सपेरा बीन बजाता,
ह से हल किसान चलाता,
क्ष से क्षत्रिय रक्षा करता,
त्र से त्रिशूल लंबा दिखता,
ज्ञ से ज्ञानी देता ज्ञान,
य,र,ल,व बच्चों में भर देता है “ज्ञान” ।
लेखक -:
शिक्षक – संतोष कुमार
प्राथमिक विद्यालय बेदौल गोट
प्रखंड – पुपरी
जिला- सीतामढ़ी
Santosh Kumar


