वाह रे इंसान – बैकुंठ बिहारी दूसरों से छल कपट कर, समझता तू खुद को बुद्धिमान, वाह रे इंसानI अपनों[...]
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एकता के रंग त्योहारों के संग – मो॰ साबिकएकता के रंग त्योहारों के संग – मो॰ साबिक
एकता के रंग त्योहारों के संग – मो॰ साबिक धर्मो की रक्षा करे संस्कृतियों के साथ चले आपसी समन्वय बनी[...]
ऐ बच्चा, स्कूल जाओ – कार्तिक कुमार ऐ बच्चा, स्कूल जाओ – कार्तिक कुमार
ऐ बच्चा, स्कूल जाओ – कार्तिक कुमार ऐ बच्चा, स्कूल जाओ, ज्ञान की ज्योति जलाओ। सुबह उठकर माता-पिता को, प्रणाम[...]
धर्म-संकट – जितेन्द्र पासवानधर्म-संकट – जितेन्द्र पासवान
धर्म-संकट – जितेन्द्र पासवान महाभारत युद्ध का जब शंखनाद हुआ, श्रीकृष्ण-अर्जुन में एक संवाद हुआ। “देख रहे हो, हे केशव![...]
एक शिक्षक ही तो है – कार्तिक कुमारएक शिक्षक ही तो है – कार्तिक कुमार
एक शिक्षक ही तो है – कार्तिक कुमार तुझे राह दिखाने वाला, तेरी भूल बताने वाला, अंधियारे में दीप जलाकर,[...]
आत्ममंथन – पुरुषोत्तम कुमारआत्ममंथन – पुरुषोत्तम कुमार
आत्ममंथन – पुरुषोत्तम कुमार दूसरों की पहचान बताता तू खुद अपनी पहचान कर छोड़ अन्य बातों को अपने भीतर स्वाभिमान[...]
रक्षाबंधन – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’रक्षाबंधन – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
रक्षाबंधन – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ प्रश्नोत्तर जो मिला ढूँढ़कर, पथ प्रशस्त करता है। दिवस पूर्णिमा के धागे में, शक्ति[...]
रेशम की डोर – ब्यूटी कुमारीरेशम की डोर – ब्यूटी कुमारी
रेशम की डोर – ब्यूटी कुमारी भाई-बहन के रिश्तों की डोर, बड़ा है अनमोल। मूल्यों से ना इसे तोल, रेशम[...]
राखी का त्योहार – अश्मजा प्रियदर्शिनीराखी का त्योहार – अश्मजा प्रियदर्शिनी
राखी का त्योहार – अश्मजा प्रियदर्शिनी संस्कृति की है महिमा, कृष्णा बन गए भ्राता, रक्षाबंधन पावन, अनुपम है त्योहार ,[...]
कारक चिह्न समझो प्यारे – कार्तिक कुमारकारक चिह्न समझो प्यारे – कार्तिक कुमार
कारक चिह्न समझो प्यारे – कार्तिक कुमार कारक के चिह्न समझो भाई, कार्तिक सर ने बात बताई। कर्ता बोले ‘ने’[...]
