Category: ToB PadhyaPankaj

Ram Kishore Pathak

संस्मरण गीत   –  राम किशोर पाठकसंस्मरण गीत   –  राम किशोर पाठक

0 Comments 5:25 pm

संस्मरण गीत   –  राम किशोर पाठक     चंद पैसों में भली वह, जिंदगी जीते हुए। आ रही है याद[...]

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तुम मुझको नारी रहने दो… डॉ स्वराक्षी स्वरातुम मुझको नारी रहने दो… डॉ स्वराक्षी स्वरा

0 Comments 11:52 pm

गीततुम मुझको नारी रहने दोअपनी अधिकारी रहने दो ।। सत्ता का लोभ नहीं मुझकोन  दौलत  की  ही चाहत है पैरों  [...]

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Jainendra

चुनावी जुमले बाज़ी –  जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’चुनावी जुमले बाज़ी –  जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 9:32 pm

चुनावी जुमले बाज़ी  जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’   जंगल राज कह कर सबको डराते हैं, विकास-भ्रष्टाचार के, मूद्दे हुए गौण है।[...]

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Ram Kishore Pathak

राष्ट्रीय एकता दिवस – राम किशोर पाठकराष्ट्रीय एकता दिवस – राम किशोर पाठक

0 Comments 9:17 pm

राष्ट्रीय एकता दिवस   दिवस राष्ट्रीय एकता वाला। लेकर समरसता का माला।। आओ इसकी कथा सुनाएँ। सरदार पटेल से मिलवाएँ।।[...]

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Awedhesh kumar

बारिश और पकौड़े : बाल कविता – अवधेश कुमारबारिश और पकौड़े : बाल कविता – अवधेश कुमार

0 Comments 8:59 pm

बारिश और पकौड़े : बाल कविता – अवधेश कुमार   बाहर हो रही थी झमाझम बारिश, मन मे हो रही[...]

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धूप कहां देखती अपना घर- रामपाल प्रसाद सिंह अनजानधूप कहां देखती अपना घर- रामपाल प्रसाद सिंह अनजान

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मदिरा सवैया211-211-211-211=211-211-211-2 धूप कहाॅं दिखती अपना घर। काॅंप रही किरणें अब ऑंगन,देख प्रभा यह पस्त हुई।गर्म हवा अब भाग रही[...]

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GRINDRA MOHAN JHA

शरद पूर्णिमा – गिरीन्द्र मोहन झाशरद पूर्णिमा – गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 10:29 pm

शरद पूर्णिमा की रात सुहावन, है अति मनभावन, चंद्रमा की चांदनी, उजाला, शीतलता, है अति पावन, चंद्रदेव अमृत-वृष्टि हैं कर[...]

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शरद पूर्णिमा, रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’शरद पूर्णिमा, रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Comments 9:20 pm

विधाता छंदधारित मुक्तक शरद पूर्णिमा कहीं संगम कहीं तीरथ, धरा पर पुण्य बहते हैं, मगर जो आज देखेंगे, कहेंगे व्यर्थ[...]

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