अनुपम है माँ की ममता। अद्भुत रखती तन्मयता।। अर्पित हर-पल रहती है। बच्चों का दुख हरती है।। चलना वह सिखलाती[...]
Category: Watsalya
बाल शोषण-राम किशोर पाठकबाल शोषण-राम किशोर पाठक
अम्मा कहती प्यारी हूँ मैं। छवि तेरी ही धारी हूँ मैं।। फिर शाला क्यों मुझे न भेजी। रखती घर में[...]
मुझको कान्हा आज बनाओ -राम किशोर पाठकमुझको कान्हा आज बनाओ -राम किशोर पाठक
अम्मा कुछ मुझको बतलाओ। मुझको कान्हा आज बनाओ। जो चाहूँ वह दे दो मुझको। ऐसे कभी नहीं तड़पाओ।। मैं भी[...]
माँ – रूचिकामाँ – रूचिका
जीवन की कड़ी धूप में शीतलता का एहसास, माँ हर रिश्तों से है जुदा बेहद हीं खास, माँ जीवन की[...]
माँ – रत्ना प्रियामाँ – रत्ना प्रिया
माँ माँ, पास बैठो न, ममता भरी गोद में, वात्सल्य की मोद में , सुख-शांति का अनुभव करने दो न[...]
माँ की याद- संजय कुमारमाँ की याद- संजय कुमार
बहुत याद आती है माँ तुम्हारी अब वो आँचल कहाँ से लाऊँ, जहाँ छुपाकर हर दुख से मुझे बैठकर आपने[...]
लोक-लज्जा- अवनीश कुमारलोक-लज्जा- अवनीश कुमार
ख़ून से लथपथ एक काया. फ़ेंका गया था लहरताल मे उपजी झाड़ियों मे रो रहा था शिशु बिलख-बिलख कर ईश्वरीय[...]
माँ और मायका – नीतू रानीमाँ और मायका – नीतू रानी
माँ से मायका पिता से सम्मान, ये दोनों के नहीं रहने से अपमान हीं अपमान। माँ है तो मायके के[...]
माँ – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’माँ – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
निज कर्म से इंसान, बनाता है पहचान, पिता तो पालक होते, जन्म देती माता है। बच्चों को देती संस्कार, सिखाती[...]
मेरी मां – विवेक कुमारमेरी मां – विवेक कुमार
आओ सुनाता हूं अपनी कहानी, निःस्वार्थ प्रेम की कहानी, अपनी जुबानी मां के छोटे शब्द में ब्रह्मांड है समाई, दुख[...]
