मुझे तिरंगा माँ दिलवा दो- रासा छंद बाल कविता मुझे तिरंगा माँ दिलवा दो।वैसा ही कुर्ता सिलवा दो।। भैया संग[...]
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जब से आई बसंती शाम- नीतू रानीजब से आई बसंती शाम- नीतू रानी
ठंडी हवा लिए आईमेरी बसंती शाम,इससे प्रभावित हो रहादेश, विदेश और गाम। बसंत पंचमी पर्व परआई बसंती शाम,थोड़ी ठंडी बढ़[...]
| माँ शारदे की महिमा – मुन्नी कुमारी || माँ शारदे की महिमा – मुन्नी कुमारी |
स्व-रचित कविता माँ शारदे की महिमा सुंदर – सुंदर सपना सजाएँ, माँ शारदे की महिमा गाएँ। विद्या से जग को[...]
आत्मविश्वास से भरे डगर में -अमरनाथ त्रिवेदीआत्मविश्वास से भरे डगर में -अमरनाथ त्रिवेदी
आत्मविश्वास से भरे डगर में , न मन, प्राण , वचन से पीछे जाना । हम सबके दिल के स्नेह हो प्यारे , भविष्य में अपनी पहचान बनाना । मन[...]
आह में देखो-राम किशोर पाठकआह में देखो-राम किशोर पाठक
लोग हैं खास आह में देखो। कौन है आज डाह में देखो।। कह रहे हैं भला तुम्हें जो भी। दे[...]
प्रेम की पतंग-मनु कुमारीप्रेम की पतंग-मनु कुमारी
मकरसंक्रांति आओ, मिलकर मनाते हैं, प्रेम की पतंग पिया हम ,साथ में उड़ाते हैं।। रंग बिरंगी फूलों से हम आशियां[...]
मकर संक्रांति-राम किशोर पाठकमकर संक्रांति-राम किशोर पाठक
पुण्य के पल का समझकर राज, पर्व हम अपना मनाएँ। जाह्नवी जल में नहाकर आज, पर्व हम अपना मनाएँ।। हर्ष[...]
मत कर अभी ब्याह मेरी मैया – नीतू रानीमत कर अभी ब्याह मेरी मैया – नीतू रानी
मत कर अभी ब्याह मेरी मैया – नीतू रानी मत कर अभी मेरी ब्याह मेरी मैया, अभी न हुई[...]
एक अभिशाप – विवेक कुमारएक अभिशाप – विवेक कुमार
एक अभिशाप – विवेक कुमार बेटी ने पूछा बापू से — “इतनी ब्याह की क्या जल्दी?” थोड़ी तो बढ़[...]
बाल-विवाह – रत्ना प्रियाबाल-विवाह – रत्ना प्रिया
बाल-विवाह – रत्ना प्रिया ब्याह नहीं कोमल कलियों का फूलों-सा खिल जाने दो, बचपन, शिक्षा और यौवन को, मंजिल तो[...]
