Category: बाल कविता

Punam Kumari

मेरे बच्चे भविष्य की शान बनेंगे -पुनम कुमारीमेरे बच्चे भविष्य की शान बनेंगे -पुनम कुमारी

0 Comments 10:32 pm

मेरे बच्चे भविष्य की शान बनेंगे  मेरे नन्हे-नन्हे फूल एक दिन, देश का नाम करेंगे, ज्ञान, कर्म और संस्कारों से,[...]

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Ashish Amber

प्यारे बच्चें – आशीष अम्बरप्यारे बच्चें – आशीष अम्बर

0 Comments 11:00 pm

प्यारे बच्चें – आशीष अम्बर कितना प्यारा है यह संसार। बागों में आ गई देखो बहार। चलो झूम कर नाचे[...]

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Umesh kumar sinha

परंपरा और प्रगति का संगम – उमेश कुमार सिन्हा परंपरा और प्रगति का संगम – उमेश कुमार सिन्हा 

0 Comments 10:15 pm

बालिका दिवस — परंपरा और प्रगति का संगम उमेश कुमार सिन्हा  क्यों ? मनाते हैं दिवस आज, यह बात समझना[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

स्वर-माला – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरस्वर-माला – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 10:02 pm

स्वर-माला – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर अ से अः तक की सुंदर कविता आओ बच्चों, गाएं गाना, स्वरों का है रूप[...]

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Punam Kumari

मैं संगीत, बच्चों तुम, राग मेरा – पुनम कुमारीमैं संगीत, बच्चों तुम, राग मेरा – पुनम कुमारी

0 Comments 9:23 pm

मैं संगीत, बच्चों तुम, राग मेरा – पुनम कुमारी मैं संगीत, बच्चों तुम, राग मेरा, तुमसे ही रोशन संसार मेरा।[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

वर्णमाला बोध काव्य – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुरवर्णमाला बोध काव्य – धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर

0 Comments 9:13 pm

वर्णमाला-बोध काव्य- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर कमल ‘क’ से विकसित हो मन में, पढ़ो निरंतर पल-पल तुम, खिसके जब खरगोश ‘ख’[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

देश का भविष्य: नन्हें मुन्ने-धर्मेंद्र कुमार ठाकुरदेश का भविष्य: नन्हें मुन्ने-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 6:58 pm

ये बात है उन नन्हें मन्नों की, मासूम सी भोली आँखों की। खेल ही जिनकी दुनिया है, ना फिक्र इन्हें[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

बच्चों की शरारत – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरबच्चों की शरारत – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 7:39 pm

सुबह सवेरे बजती घंटी, खुल जाते विद्यालय के द्वार, मानो टूट पड़ा हो धरती पर, नन्हें वीरों का संसार। लाखों[...]

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Umesh kumar sinha

दादा-दादी दिवस – उमेश कुमार सिन्हा दादा-दादी दिवस – उमेश कुमार सिन्हा 

0 Comments 5:09 pm

दादा-दादी की बचपन की बातें खूब मुझे याद आती हैं, गाँव में जाकर उनके संग खुशियाँ खूब मनाती हैं। जब[...]

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